Shala Darpan Internship — Candidate Login & Allotment 2026
अभी पोर्टल खुला है। सत्र 2026-27 के लिए B.A./B.Sc. B.Ed. (Round Second और Fourth), B.Sc. B.Ed. (Second और Fourth), B.Ed. M.Ed. प्रथम वर्ष (Fourth) और D.El.Ed. प्रथम वर्ष (Fourth) के प्रशिक्षणार्थियों का Candidate Registration 1 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक चल रहा है।

एक बात पहले समझ लीजिए — चरण आपको नहीं, आपके महाविद्यालय को मिलता है
यहीं सबसे बड़ी गलतफ़हमी है, और लगभग हर वेबसाइट इसे उल्टा समझाती है।
राउंड यानी चरण का आवंटन महाविद्यालय स्तर पर होता है। परिषद् तय करती है कि किस कॉलेज को प्रथम चरण मिलेगा, किसे द्वितीय। उसके बाद उस कॉलेज के प्रशिक्षणार्थी अपनी चॉइस भरते हैं।
पोर्टल की सूचनाएँ इसी भाषा में लिखी होती हैं — “महाविद्यालय जिनको इंटर्नशिप बाबत प्रथम चरण आवंटित हुआ है उनके प्रशिक्षणार्थियों को…”।
इसका मतलब यह है कि आपकी बारी कब आएगी, यह आपके हाथ में नहीं। अपने कॉलेज से पूछिए कि उसे कौन-सा चरण मिला है। पोर्टल पर Round का विकल्प चार हैं — First, Second, Third और Fourth।
और एक बात जो प्रशिक्षणार्थियों के नियंत्रण से बाहर है — प्रक्रिया शुरू होने से पहले कॉलेज को अपनी प्रोफ़ाइल अपडेट करनी होती है। 2026-27 सत्र के लिए इसकी अंतिम तिथि 30 जुलाई 2026 रखी गई थी।
लॉगिन से पहले Vacancy List देखिए
यह वह कदम है जो अधिकतर लोग छोड़ देते हैं, और फिर पंद्रह-बीस चॉइस भरी हुई सूची में से एक भी विद्यालय नहीं मिलता।
Vacancy List पोर्टल पर खुला पड़ा है — लॉगिन की ज़रूरत नहीं। इसमें छह चीज़ें भरनी होती हैं:
| फ़ील्ड | विकल्प |
|---|---|
| District (आवश्यक) | 41 ज़िले |
| Block | ज़िले के अनुसार |
| Course (आवश्यक) | B.Ed. · B.A./B.Sc. B.Ed. · B.Sc. B.Ed. · B.Ed. M.Ed. · M.Sc. B.Ed. · D.El.Ed. · D.El.Ed. ALP Bhasha |
| Year | पाठ्यक्रम वर्ष |
| Round | First · Second · Third · Fourth |
| School Type (आवश्यक) | ALL · Adarsh School/SVMS · Secondary/Senior Secondary · Utkrist School · Rest Primary/Upper Primary |
साथ में captcha।
School Type वाला फ़िल्टर ध्यान से चुनिए। Adarsh, Utkrist और प्राथमिक विद्यालयों में रिक्तियों की स्थिति अलग-अलग रहती है, और ALL चुनने पर सूची इतनी लंबी हो जाती है कि काम की बात छूट जाती है।
अपने ब्लॉक की सूची निकालकर लिख लीजिए — कहाँ कितने पद खाली हैं। यही सूची बाद में चॉइस भरते समय काम आएगी।
Candidate Login और चॉइस भरना
चॉइस Candidate Login के भीतर से भरी जाती है। यह विंडो आम तौर पर दस दिन खुलती है — पिछले सत्रों में 1 से 10 दिसम्बर, 1 से 10 मार्च, और 6 से 15 अक्टूबर जैसी तारीख़ें रही हैं।
इन सूचनाओं के साथ पोर्टल पर हर बार एक ही वाक्य लिखा रहता है: इसके बाद कोई अवसर नहीं दिया जावेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशिक्षणार्थियों/महाविद्यालय की होगी।
यह औपचारिकता नहीं है। सूचनाएँ पढ़ने पर साफ़ दिखता है कि जिन्हें विद्यालय नहीं मिला, उनमें से अधिकतर वे थे जिन्होंने चॉइस भरी ही नहीं थी — “चॉइस नहीं भरने के कारण विद्यालय आवंटन नहीं हुआ”।
और उल्टी तरफ़ की बात भी परिषद् ने खुद दर्ज की है। अक्टूबर 2025 की सूचना में लिखा गया कि ऐसा कोई प्रशिक्षणार्थी शेष नहीं है जिसने चॉइस दर्ज की हो और उसे विद्यालय आवंटित न हुआ हो।
यानी असली जोखिम आवंटन न मिलने का नहीं, विंडो निकल जाने का है।
आवंटन के बाद दो अलग पेज देखने होते हैं
लोग अकसर दोनों को एक समझ लेते हैं। पोर्टल पर ये अलग-अलग हैं, और दोनों बिना लॉगिन खुलते हैं:
Request Status— आपने जो चॉइस दर्ज की, वह दिख रही है या नहीं।Allotment Status— कौन-सा विद्यालय आवंटित हुआ।
पहले Request Status देखिए। अगर वहाँ आपका नाम ही नहीं आ रहा, तो आवंटन की प्रतीक्षा करने का कोई अर्थ नहीं — समस्या उससे पहले की है।
विद्यालय बदलना — मौका सिर्फ़ एक बार
अक्टूबर 2025 से यह सुविधा Candidate Login पर ही दे दी गई है, और शर्त सख़्त है।
प्रशिक्षणार्थी केवल एक बार, उपलब्ध रिक्त पदों के अनुसार, अपने लॉगिन से विद्यालय बदल सकता है। उसके बाद किसी भी स्तर से कोई परिवर्तन नहीं होगा।
इसलिए बदलने से पहले Vacancy List दोबारा खोलिए और देखिए कि जिस विद्यालय में जाना चाहते हैं, वहाँ सचमुच पद खाली है या नहीं। जल्दबाज़ी में किया गया एक क्लिक पूरे सत्र की जगह तय कर देता है।
परिषद् ने इस प्रक्रिया का वीडियो भी सूचना के साथ जोड़ा है।
पोर्टल पर नाम ही नहीं दिख रहा तो
यह समस्या आपकी नहीं होती, और आप इसे खुद ठीक भी नहीं कर सकते।
Request Status पेज पर पोर्टल खुद यह लिखकर बताता है कि नाम न दिखने के दो कारण होते हैं — या तो चयन की प्राथमिकता गलत चुनी गई है, या कॉलेज ने अभी तक आपका नाम पोर्टल पर पंजीकृत नहीं किया है।
निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वालों के लिए यह ज़्यादा गंभीर है। जो विश्वविद्यालय अपने स्तर पर प्रवेश करते हैं, उनके प्रशिक्षणार्थियों के पंजीकरण की अलग अंतिम तिथि होती है, और परिषद् ने साफ़ लिखा है कि कोई प्रशिक्षणार्थी पंजीकरण से रह गया तो उसकी ज़िम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी।
इसलिए नाम न दिखे तो इंतज़ार मत कीजिए। उसी दिन कॉलेज कार्यालय में बात कीजिए।
इस बार आवंटन नहीं हुआ तो
पोर्टल दोबारा खुलता है — और अकसर खुलता है।
पिछले दो सत्रों की सूचनाएँ देखें तो जिन्हें विद्यालय नहीं मिला, उनके लिए बार-बार तीन से चार दिन की छोटी विंडो खोली गई। जनवरी, मार्च, जुलाई, अक्टूबर, दिसम्बर — हर बार “विद्यार्थी हित में” लिखकर।
पर इन विंडो की पहले से सूचना नहीं मिलती। ये पोर्टल के News सेक्शन में अचानक आती हैं, और तीन दिन में बंद हो जाती हैं।
इसलिए एक आदत बना लीजिए: सप्ताह में एक बार इंटर्नशिप पोर्टल का Home पेज खोलकर News पढ़ लीजिए। कॉलेज की सूचना का इंतज़ार करने वाले अकसर देर कर देते हैं।
अभी तक इस व्यवस्था से 6,38,899 प्रशिक्षणार्थियों को विद्यालय मिल चुके हैं, 1,666 महाविद्यालय इसमें शामिल हैं, और 90,446 आवेदन प्रक्रिया में हैं। ये आँकड़े पोर्टल के Home पेज पर ही दर्ज हैं।
विद्यालय चुनने से पहले उसकी स्थिति, स्टाफ़ और सुविधाएँ देखनी हों तो स्कूल सर्च बिना लॉगिन खुला रहता है।